नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026 | PIB दिल्ली
अमित शाह ने आज महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आजाद जी ने जीवन की अंतिम सांस तक ‘वंदे मातरम्’ का गान करते हुए अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्वक संघर्ष किया और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
अमित शाह ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं थे, बल्कि वे युवाओं के लिए प्रेरणा के शाश्वत स्रोत हैं। उनका व्यक्तित्व अडिग संकल्प, आत्मसम्मान और निडरता का प्रतीक रहा। अंग्रेजी शासन के दमन और अत्याचार के दौर में भी उन्होंने कभी समझौता नहीं किया और अंत तक स्वतंत्रता के पथ पर अडिग रहे।
गृह मंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से काकोरी कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि 1925 का ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय था। इस साहसिक कार्रवाई ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी और पूरे देश में क्रांतिकारी चेतना को नई दिशा दी थी। चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना के बाद क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित करने और उन्हें नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अमित शाह ने यह भी कहा कि Hindustan Socialist Republican Association (HSRA) के गठन और उसे सशक्त रूप देने में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने न केवल संगठन को नई रणनीति और संरचना प्रदान की, बल्कि क्रांतिकारियों के बीच अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय उद्देश्य के प्रति स्पष्टता भी स्थापित की। उनका नेतृत्व युवाओं में आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना जागृत करने वाला था।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्चा राष्ट्रप्रेम त्याग और बलिदान की भावना से ही परिपूर्ण होता है। जब-जब देश के सामने चुनौतियां आईं, तब-तब ऐसे वीर सपूतों की गाथाएं हमें संकल्प और साहस प्रदान करती हैं। आजाद जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया और अंततः इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों से घिरे होने पर आत्मसमर्पण करने के बजाय वीरगति को वरण किया।
गृह मंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद की बलिदान-गाथा का स्मरण कर आज भी देशवासियों का रोम-रोम राष्ट्रप्रेम की भावना से भर उठता है। उनका नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अंकित रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आजाद के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दें।
अमित शाह ने यह भी कहा कि भारत सरकार स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आजादी के अमृतकाल में ऐसे महान क्रांतिकारियों की स्मृति हमें यह याद दिलाती है कि स्वतंत्रता अनगिनत बलिदानों का परिणाम है। चंद्रशेखर आजाद का संघर्ष हमें यह सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और लक्ष्य से विचलित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज का भारत उन वीरों के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। चंद्रशेखर आजाद का जीवन राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण और साहस का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
अंत में, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने महान क्रांतिकारी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके त्याग और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। चंद्रशेखर आजाद की स्मृति भारतवासियों के हृदय में सदैव जीवित रहेगी और उनका आदर्श राष्ट्र को नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करने में मार्गदर्शक बनेगा।
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