"UP: IAS अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ीं, अब ED ने शुरू की कमीशनबाजी की जांच!
UP: IAS अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ीं, अब ED ने शुरू की कमीशनबाजी की जांच!
उत्तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब उनके खिलाफ कमीशनबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक प्रकाश पर सरकारी टेंडर और परियोजनाओं में भारी घोटाले करने और कमीशन लेने के आरोप लगे हैं।
इस जांच के शुरू होने से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि अगर जांच में भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मिलते हैं, तो यह मामला IAS अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर एक बड़ी कार्रवाई साबित हो सकता है।
कैसे बढ़ी IAS अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें?
आईएएस अभिषेक प्रकाश का नाम पहले भी कई विवादों में रहा है, लेकिन इस बार मामला ED की जांच तक पहुंच चुका है। ED ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच शुरू की है, जो बेहद गंभीर मामला है।
आरोप क्या हैं?
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सरकारी टेंडर में गड़बड़ी – आरोप है कि अभिषेक प्रकाश ने सरकारी परियोजनाओं के टेंडर में दलालों और ठेकेदारों से मोटा कमीशन लिया।
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फर्जी कंपनियों को फायदा पहुंचाया – ED को संदेह है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कई फर्जी कंपनियों को सरकारी ठेके दिलवाए।
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बेनामी संपत्तियों का मामला – अधिकारियों को शक है कि उनके पास बेहिसाब संपत्ति हो सकती है, जिसे अब खंगाला जा रहा है।
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मनी लॉन्ड्रिंग के तार – ED यह भी जांच कर रही है कि क्या घूस में मिले पैसों को अवैध तरीके से विदेश भेजा गया या फिर अलग-अलग नामों से बेनामी संपत्तियों में निवेश किया गया।
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ED की जांच में क्या-क्या हो सकता है?
ED ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। संभावित कदमों में शामिल हो सकते हैं:
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अभिषेक प्रकाश और उनके करीबी लोगों की संपत्तियों की जांच
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बैंक खातों की छानबीन
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विदेशी लेन-देन की पड़ताल
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कई कंपनियों और ठेकेदारों से पूछताछ
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सूत्रों का कहना है कि जल्द ही ED की टीम अभिषेक प्रकाश को पूछताछ के लिए बुला सकती है।
क्या कह रही है सरकार?
इस मामले पर राज्य सरकार अभी कोई खुली टिप्पणी करने से बच रही है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो सरकार उन पर सख्त कार्रवाई कर सकती है।
कुछ विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं IAS अभिषेक प्रकाश
यह पहला मौका नहीं है जब अभिषेक प्रकाश का नाम विवादों में आया है।
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लखनऊ में नगर आयुक्त रहते हुए उन पर सरकारी टेंडर में धांधली के आरोप लगे थे।
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एक बड़े बिल्डर को अवैध तरीके से फायदा पहुंचाने का भी मामला सामने आया था।
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विकास प्राधिकरण के कई प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं।
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हालांकि, तब तक यह मामले इतने गंभीर नहीं थे कि ED जैसी एजेंसी जांच करे। लेकिन इस बार स्थिति अलग है।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
अब सवाल उठता है कि ED की इस जांच का असर क्या होगा?
1.
अगर आरोप साबित होते हैं तो IAS अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड किया जा सकता है।
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उनकी संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है।
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अगर मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले तो उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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इस जांच से अन्य IAS अधिकारियों पर भी शिकंजा कस सकता है, जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
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निष्कर्ष
IAS अभिषेक प्रकाश पर लगे भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप बेहद गंभीर हैं। ED की जांच से अब मामला और बड़ा हो गया है। अगर आरोप सही पाए गए तो यह उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक हो सकती है।
अब देखना होगा कि ED की इस जांच में क्या नए खुलासे होते हैं और क्या IAS अभिषेक प्रकाश को क्लीन चिट मिलती है या फिर उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होती

