आखिर ऐसा क्या हुआ कि CM योगी ने अचानक कहा- श्रीबांकेबिहारी के दर्शन नहीं करेंगे?
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के साथ संबंध रखता था। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरनगर के गढ़ी शखावत क्रॉसिंग पर हुई, जहां आरोपी तहसीम उर्फ मोटा (45) को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, तहसीम और उसका भाई कलीम पाकिस्तान की यात्राएं करते थे, जहां वे ISI एजेंटों के संपर्क में आए। उन्हें भारत में जिहाद फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए धन, हथियार और गोला-बारूद का लालच दिया गया था। तहसीम और कलीम ने फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करके पाकिस्तान में ISI एजेंट दिलशाद उर्फ मिर्जा को व्हाट्सएप के माध्यम से संवेदनशील जानकारी भेजी थी।
यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है, जो राज्य में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है, और सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में हैं।
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को श्रीबांकेबिहारी के दर्शन नहीं किए। मंदिर जाकर दर्शन करने का कार्यक्रम ऐन वक्त पर निरस्त कर दिया गया। भीड़ ज्यादा होने और खराब मौसम के कारण यह निर्णय लिया गया
सीएम के दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत रविवार को मुख्यमंत्री के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक तय था। इसी को मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन ने तैयारी की थी। हेलीपैड से मंदिर जाने वाले रास्तों को संवार दिया गया था। मंदिर पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया। जिस रास्ते से सीएम का मंदिर जाना तय था, वहां की दुकानें बंद करा दी गई थीं।
मंदिर मार्ग पर बिजली के 440 वोल्ट के पैनल प्लास्टिक से ढक दिए गए। मार्ग के दोनों और नए डस्टबिन रखे गए। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को भी कुछ देर के लिए रोक दिया गया था, लेकिन सीएम हेलीपैड से मंदिर न जाकर परिक्रमा मार्ग की ओर चल दिए। जल निगम के सीवर लाइन कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। अचानक बदले फैसले के कारण अफसरों के हाथ पैर फूल गए। आनन-फानन हेलीपैड से परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान बढ़ाए गए। वाहनों का आवागमन रोक दिया गया।
सीएम ने मोर कुटी आश्रम के पास करीब पांच मिनट तक कार्य को देखा व प्रगति जानी। उन्होंने कच्ची परिक्रमा में बालू डलवाने के निर्देश अफसरों को दिए। यहां से वह पर्यटक सुविधा केंद्र पहुंचे। जहां संतों के साथ बैठक का कार्यक्रम तय था। मंदिर कार्यक्रम निरस्त होने के बाद श्रद्धालुओं को जत्था के साथ मंदिर में प्रवेश कराकर दर्शन कराए गए। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि भीड़ के दबाव के चलते श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं ही दर्शन करने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।
