अयोध्या में राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोप में हाल ही में एक संदिग्ध की गिरफ्तारी हुई है। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने फरीदाबाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की सहायता से अब्दुल रहमान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। आरोप है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने राम मंदिर पर हमले की योजना बनाई थी, जिसमें अब्दुल रहमान शामिल था।
पृष्ठभूमि:
पिछले कुछ वर्षों में राम मंदिर को निशाना बनाने की कई धमकियाँ मिली हैं। जून 2024 में, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें राम मंदिर को उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया था।
सितंबर 2024 में, बिहार के भागलपुर से मकसूद अंसारी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिसने राम मंदिर को उड़ाने और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हत्या की धमकी दी थी। जांच में मकसूद के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध होने की बात सामने आई थी।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई:
इन घटनाओं के बाद, सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं और राम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ मिलकर ऐसी साजिशों को नाकाम करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं
